जस्टिन ने पूरी जवानी रशियन के बारे में सुना, मूवी देखीं, लेकिन कभी उनसे तारुफ़ का मौका नहीं मिला क्यूंकी कभी इतने पैसे हुए ही नहीं।
पीएम बनने के बाद भी जब ये इच्छा पूरी नहीं हुई तो इनके मित्र "जेली' ने इन्हे बताया की आप 'रशिया' को उंगली करो तो 'रशियन्स' आपको उंगली करने आएंगीऔर उसके पैसे भी नहीं मांगेंगी । बस ये संसद में 'स्टैंडिंग ओवेशन' घटना उसी का हिस्सा है।अब रशियन कुड़िया कब उंगली करेंगी ये देखना है।
हालांकि एक छोटा सा डर है, साले रशियन कमांडो न आ जाएँ वरना "लेने के देने पड़ जाएंगे" ।।
शेष फिर ।