भारत की राजनीति में आजकल तीन-चार शेर घूम रहे हैं। एक तो अभी यूरोप घूम कर आया है । जिस दिन संसद में आया, सारे बोले देखो शेर आ गया है अब गीदड़ भाग जाएँगे । अब गीदड़ भागे या वहीं डटे रहे पता चल नहीं पाया है ।
एक दूसरा शेर । उसकी पार्टी बोल रही है कि हमारे शेर को जेल में डाल दिया जबकि हमारा शेर तो पढ़ने-पढ़ाने का शौकीन था । छोटे बच्चे हुआ हुआ करके रो रहे है कि हमे शेर अंकल के दाँत गिनने हैं । अब दाँत गिनेंगे या नहीं पता नहीं ।
तीसरे है बिहार से । उनके लोग बोल रहे हैं कि छापे हमारे शेर को डरा नहीं सकते । हमारा शेर घास नहीं खायेगा । तेजवान शेर है हमारा । अब देखना है कि शेर के पास चारा क्या बचता है ।
2024 आने वाला है । बब्बर शेर सब देख रहा है । किसको घास खिलानी है और किसको रसमलाई, बब्बर शेर सबका हिसाब करेगा।
ये चुप रहता है और और पाँच साल बाद ही शिकार करता है ।
फिर मिलेंगे ।।
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