शनिवार, 18 मार्च 2023

पहुँचिये, आप पहुँचवान हैं

 कुछ दिन पहले फुटबॉल का महासंगम निबटा है । भारत की टीम तो खैर समय से ही निबट जाती है । पर चर्चा इस बात की नहीं हुई । 

चर्चित तो वो हुआ जो वहाँ गया । और जो वहाँ गया वो सिर्फ चर्चित ही हुआ क्योंकि न वो 3 में था और न 13 में । फिर भी कुछ लोगों ने इसे भारतीय गर्व का विषय माना । अब लोग मान रहें हैं तो मानने दो । 

फिर यहीं महान फूटबॉलिया वहाँ गया जहाँ भारतीय फ़िल्म अमूमन नहीं पहुँचती हैं । लेकिन इस बार फ़िल्म पहुंची । मज़ेदार बात ये की जो पहुँचा वो फ़िल्म में था ही नहीं और जो था वो पहुँचा पर उसकी चर्चा हुई नहीं ।

कुल मिलाकर बात का भाव ये है कि आपको पहुँचना आना चाहिए । ज़रूरी नहीं कि आप क्यों और कैसे पहुँचे । पहुँचिये, उसी से पहचान है ।

हालाँकि ये कोई स्वस्थ हालात नहीं है लेकिन फिर भी हालात जैसे भी हैं अपने हैं ।

और अपने तो फिर अपने होते हैं ।


फिर मिलेंगे ।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

महाकुंभ

  कुम्भ आ गया है। हर 12 साल में आता है। इस बार 144 साल बाद आया है। अच्छी बात है अगर आया है तो स्वागत होना चाहिए।  स्वागत हो भी रहा है। 45 कर...